ईचागढ़: सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड अंतर्गत टीकर पामीया स्थित श्री श्री प्राचीनकालीन महामाया मंदिर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर विधि-विधान के साथ कलश स्थापना कर पूजा-अर्चना शुरू की गई। नवरात्र के प्रथम दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री की आराधना की गई। श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में शीश नवाकर सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
कलश स्थापना के साथ भक्तिमय हुआ मंदिर परिसर
महामाया मंदिर में नवरात्र पूजा के शुभारंभ के साथ ही भक्तिमय माहौल देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे। साथ ही वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के बीच कलश स्थापना की गई। इस दौरान मां दुर्गा के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा।

माता शैलपुत्री की हुई आराधना
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से आराधना की जाती है। श्रद्धालु माता की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और समाज के कल्याण की कामना करते हैं।
श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है महामाया मंदिर
टीकर पामीया स्थित प्राचीन महामाया मंदिर क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। नवरात्र के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस अवसर पर श्रद्धालु माता के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।




