नेपाल के प्युठान में दर्दनाक बस हादसा, 2 की मौत, 21 घायल — राहत व बचाव कार्य तेज
India-Nepal News : नेपाल के प्युठान जिला में बीती रात एक भीषण सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। एक यात्री बस अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी, जिससे एक महिला और एक बच्चे समेत कम से कम दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 21 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बस में सवार कई यात्री भारत-नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों के रहने वाले थे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।
घायलों का इलाज लुंबिनी सिटी अस्पताल में जारी
घटना के बाद सभी घायलों को तत्काल लुंबिनी सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कुछ घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिन्हें गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में रखा गया है।
महाराजगंज के जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि हादसा उस समय हुआ जब बस अचानक संतुलन खो बैठी और गहरी खाई में गिर गई। उन्होंने नेपाल के रूपन्देही जिला के मुख्य जिला अधिकारी से बातचीत कर राहत कार्यों का जायजा लिया।
यूपी सरकार की तत्परता, ₹2 लाख मुआवज़े की घोषणा
योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए ₹2-2 लाख की आर्थिक सहायता (एक्स-ग्रेशिया) देने की घोषणा की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए भारत लाया जाए।
सीमा पर विशेष कैंप, एंबुलेंस की तैनाती
राहत एवं समन्वय कार्यों को तेज करने के लिए प्रशासन ने कई अहम कदम उठाए हैं। एसडीएम नौतनवा नवीन प्रसाद को मौके पर भेजा गया है, जबकि एडीएम (वित्त) की देखरेख में सोनौली बॉर्डर पर विशेष कैंप स्थापित किया गया है।
आपातकालीन सेवाओं के तहत चार एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एंबुलेंस और छह अतिरिक्त एंबुलेंस तैनात की गई हैं, ताकि घायलों को तेजी से चिकित्सा सहायता दी जा सके और जरूरत पड़ने पर उन्हें भारत लाया जा सके।
हादसे की वजह की जांच शुरू
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस के अचानक नियंत्रण खोने के कारण यह दुर्घटना हुई। हालांकि, प्रशासन ने हादसे के सटीक कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब सड़क, तेज रफ्तार या तकनीकी खराबी जैसे कारण इस दुर्घटना के पीछे हो सकते हैं।
सीमा पार समन्वय का उदाहरण बना राहत अभियान
यह हादसा भारत-नेपाल के बीच बेहतर समन्वय का भी उदाहरण बनकर सामने आया है, जहां दोनों देशों के प्रशासनिक अधिकारी मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
नेपाल के प्युठान में हुआ यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा के मुद्दे को उजागर करता है। प्रशासन की तत्परता और सीमा पार सहयोग के चलते राहत कार्य तेजी से जारी है, लेकिन इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।





