RTI Workshop in Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची के कोकर में ‘हमर अधिकार मंच’ और ‘रांची सिटीजन फोरम’ के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय निःशुल्क आरटीआई कार्यशाला सह आरटीआई दिवस का आयोजन किया गया। सूचना का अधिकार (RTI) कानून के 21 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में झारखंड के 20 जिलों से आए 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में आरटीआई आवेदन और अपील की प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ झारखंड राज्य सूचना आयोग की निष्क्रियता पर गंभीर चिंता जताई गई।
आरटीआई आवेदन और अपील की प्रक्रिया का दिया गया प्रशिक्षण
कार्यशाला में संस्था के अध्यक्ष एवं प्रमाणित RTI रिसोर्स पर्सन दीपेश निराला ने प्रतिभागियों को सूचना का अधिकार कानून के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने आरटीआई आवेदन दाखिल करने, प्रथम अपील करने और द्वितीय अपील की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। इसका उद्देश्य लोगों को अपने सूचना संबंधी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और आरटीआई के प्रभावी इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षित करना था।

झारखंड राज्य सूचना आयोग की निष्क्रियता पर जताई चिंता
कार्यक्रम के दौरान झारखंड राज्य सूचना आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर चिंता व्यक्त की गई। आयोजकों के अनुसार, आयोग 8 मई 2020 से निष्क्रिय रहा है। वहीं, 1 जुलाई 2026 को नए सूचना आयुक्तों के शपथ लेने के बावजूद सुनवाई शुरू नहीं होने का मुद्दा उठाया गया।
प्रतिभागियों ने कहा कि सूचना आयोग में सुनवाई शुरू होना जरूरी है, ताकि लंबित मामलों का निपटारा हो सके और सूचना का अधिकार कानून के तहत नागरिकों को समय पर न्याय मिल सके।
आयोग को सक्रिय करने के लिए उच्चस्तरीय पहल का निर्णय
कार्यशाला में झारखंड राज्य सूचना आयोग को तत्काल क्रियाशील बनाने के लिए मामले को सर्वोच्च न्यायालय, झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और भारत की राष्ट्रपति के समक्ष लिखित रूप में उठाने का निर्णय लिया गया।
आयोजकों ने मांग की कि मुख्य सूचना आयुक्त की तत्काल नियुक्ति की जाए या किसी एक सूचना आयुक्त को कार्यवाहक मुख्य सूचना आयुक्त की जिम्मेदारी देकर सुनवाई जल्द शुरू कराई जाए।
कई पदाधिकारी और प्रतिभागी रहे उपस्थित
कार्यक्रम की अध्यक्षता दीपेश निराला ने की, जबकि मंच संचालन रेणुका तिवारी और मीना कुमारी ने किया। इस अवसर पर मंच की उपाध्यक्ष रेणुका तिवारी, महासचिव उमाशंकर सिंह, कोषाध्यक्ष विनोद जैन बेगवानी, सचिव चंद्रदेव बरनवाल, विष्णु कुमार और मनीषा देवी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। झारखंड के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यशाला के माध्यम से आरटीआई कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने और झारखंड राज्य सूचना आयोग में सुनवाई शुरू कराने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया।




