Chandil POCSO Case : सरायकेला-खरसावां जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में अदालत ने दोषी को कड़ी सजा सुनाई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाशंकर सिंह की अदालत ने बिरजू पोद्दार उर्फ बीजू पोद्दार को दोषी करार देते हुए अंतिम सांस तक कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत यह सजा सुनाई। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 96 और 137(2) के तहत पांच वर्ष के सश्रम कारावास तथा पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई गई। जुर्माना नहीं देने पर दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत के आदेश के अनुसार, सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
क्या है Chandil POCSO Case?
यह मामला चांडिल थाना क्षेत्र का है। पीड़िता के पिता ने 26 जनवरी 2025 को अपनी बेटी के लापता होने के संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, उनकी बेटी गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के लिए विद्यालय गई थी, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटी। इसके बाद उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पीड़िता के बयान के आधार पर सामने आई घटना
पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि बिरजू पोद्दार पिछले करीब 10 महीने से उसे परेशान कर रहा था। आरोप के अनुसार, वह स्कूल जाते समय उसे रोकता और अपने साथ चलने के लिए कहता था। मना करने पर उसके भाई को अगवा कर जान से मारने की धमकी देने की बात भी शिकायत में कही गई थी।
पीड़िता के बयान के मुताबिक, 26 जनवरी को चांडिल बाजार में आरोपी अपने चार साथियों के साथ आया और उसे जबरन एक वैन में बैठाकर पहले कोलकाता और फिर दीघा ले गया। वहां एक लॉज में रखने के दौरान उसके साथ जबरदस्ती की गई।
28 जनवरी को घर लौटी थी पीड़िता
शिकायत के अनुसार, 28 जनवरी को आरोपी पीड़िता को जमशेदपुर लेकर आया और शाम को वाहन से उसके घर भेज दिया। घर लौटने के बाद पीड़िता ने अपने माता-पिता को घटना की जानकारी दी। इसके बाद मामले में पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ी और प्रकरण अदालत तक पहुंचा।
अदालत ने सुनाई अंतिम सांस तक कारावास की सजा
मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए अंतिम सांस तक कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। इसके साथ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत भी सजा निर्धारित की गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया गया है।




