भाजपा के द्वारा आज तक नेता विरोधी दल का चयन नहीं करने के कारण आज तक सूचना आयोग, मानवाधिकार आयोग लोकायुक्त का गठन नही हो सका ।
Vijay Shankar Nayak Statement : उपरोक्त बाते आज आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केन्द्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय शंकर नायक ने भाजपा द्वारा आज तक नेता प्रतिपक्ष के चयन नहीं किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया में कही । इन्होंने यह भी कहा कि इससे पूर्व पांच वर्षो तक प्रतिपक्ष नेता का चयन नहीं किया गया l जिस विधायक का चयन किया वह विवादो में घिरे रहे । उसके बाद भी राज्य हित मे भाजपाई लोग दूसरे विधायक का चयन नहीं कर पूरे पांच साल तक बिना विरोधी दल नेता के बिना विधान सभा को चलाना राज्य की जनता के साथ धोखा करना था ।
श्री नायक ने आगे कहा कि अब भी नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं किया गया है जिससे राज्य के महत्वपूर्ण आयोगों का गठन नहीं हो पा रहा है क्योंकि बिना प्रतिपक्ष नेता के अनुशंसा के बिना इन आयोगों का गठन किया ही नहीं जा सकता l प्रतिपक्ष के नेता का चयन नहीं किए जाने से राज्य की जनता से संबंधित आयोग आज मृतप्राय वर्षो से पड़े हुए है जो राज्य की जनता के लिए शुभ संकेत नहीं है ।
श्री नायक ने भाजपा के नेताओ से अपील किया कि वे सिर्फ आलोचनात्मक राजनीति की नीति से दूर होकर राज्य हित एवं जनहित में सकरात्मक राजनीति करने का कार्य करे जिससे कि राज्य की जनता का भला हो और राज्य की जनता का चहुंमुखी विकास हो सके l इन्होने केन्द्रीय भाजपा आलाकमान से राज्यहित में मांग किया कि वे विपक्ष का नेता जल्द से जल्द चयन करे ताकि उसका लाभ जनता को मिल सके और जो आयोग बिना विपक्ष के नेता के अनुशंसा के बगैर नहीं बन रहे है वो बन सके।



