सरायकेला-खरसावां में शिक्षकों ने आदेश की प्रतीकात्मक प्रति जलाकर जताया विरोध
Jharkhand Teachers MACP Protest : झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा दिनांक 24 जुलाई 2026 को शिक्षकों को MACP (Modified Assured Career Progression) का लाभ नहीं दिए जाने संबंधी जारी आदेश के विरोध में झारखंड ऑफिसर, टीचर एंड एम्प्लॉयी फेडरेशन (JHAROTEF) के प्रांतीय समिति के आह्वान पर पूरे झारखंड में विद्यालयों एवं कार्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने आदेश की प्रतीकात्मक प्रति जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
इसी क्रम में सरायकेला-खरसावां जिला में प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अमित कुमार महतो, प्रदेश प्रवक्ता श्री ब्रजमोहन यादव, जिला अध्यक्ष श्री संतोष कुमार महतो, जिला सचिव श्री जवाहरलाल महतो, जिला कोषाध्यक्ष श्री हरे कृष्णा महतो, जिला कार्यकारिणी एवं प्रखंड कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के नेतृत्व में जिले के सभी विद्यालयों एवं कार्यालयों में शिक्षकों ने आदेश की प्रतीकात्मक प्रति जलाकर सरकार के निर्णय के प्रति अपना कड़ा विरोध प्रकट किया।
इस अवसर पर नेताओं ने कहा कि शिक्षकों को MACP के लाभ से वंचित करना उनके साथ घोर अन्याय है। सरकार ने अपने घोषणा-पत्र में शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हितों की रक्षा का वादा किया था, किंतु वर्तमान निर्णय उन वादों के विपरीत है। शिक्षकों ने सरकार से दिनांक 24 जुलाई 2026 के आदेश को तत्काल वापस लेने तथा सभी पात्र शिक्षकों को शीघ्र MACP का लाभ प्रदान करने की मांग की।

वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक समाज के भविष्य के निर्माता हैं। उनके अधिकारों की उपेक्षा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। यदि सरकार शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो JHAROTEF राज्यव्यापी आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं निर्णायक रूप देगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने जोरदार नारे लगाते हुए अपनी एकजुटता का परिचय दिया—
“शिक्षक भी हैं कर्मचारी, MACP के हैं अधिकारी।”
“घोषणा पत्र का मान करो, शिक्षकों का सम्मान करो।”
JHAROTEF ने राज्य सरकार से शिक्षकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अविलंब उक्त आदेश को वापस लेने, सभी पात्र शिक्षकों को MACP का लाभ प्रदान करने तथा लंबित शिक्षक हित के मामलों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।





