बिना राजनीतिक दलों के समर्थन के जीत दर्ज करना गर्व का विषय : प्रीतम सिंह भाटिया
Jharkhand Nikay Chunav Journalists Victory : झारखंड में हालिया निकाय चुनावों में पत्रकारों और उनके परिजनों की उल्लेखनीय जीत को लेकर पत्रकार संगठनों में उत्साह का माहौल है। ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वैलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव प्रीतम सिंह भाटिया ने इसे लोकतांत्रिक राजनीति में पत्रकार समाज की सक्रिय भागीदारी की सशक्त शुरुआत बताया है।
उन्होंने कहा कि बिना किसी बड़े राजनीतिक दल के प्रत्यक्ष समर्थन के जीत हासिल करना इस बात का संकेत है कि समाज अब पत्रकारों की निष्पक्ष छवि और सामाजिक योगदान को स्वीकार कर रहा है।
हजारीबाग और चास में नई शुरुआत
भाटिया ने हजारीबाग से मेयर पद पर निर्वाचित अरविंद राणा की जीत को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह जीत आने वाले समय में पत्रकार समुदाय के लिए प्रेरणादायक साबित होगी।
इसी प्रकार चास नगर निगम चुनाव में पत्रकार गजेंद्र हिमांशु मेयर पद की दौड़ में भले सफल नहीं हो सके, लेकिन भाटिया के अनुसार यह प्रयास भविष्य की राजनीति के लिए मजबूत आधार तैयार करता है।
सरायकेला-खरसावां में भी दिखा असर

सरायकेला-खरसावां जिले में भी पत्रकार परिवारों की जीत ने ध्यान आकर्षित किया। प्रेस क्लब अध्यक्ष मनमोहन सिंह की पत्नी अर्चना सिंह तथा खगेन चंद्र महतो की पत्नी पूजा महतो वार्ड पार्षद चुनी गईं।
भाटिया ने कहा कि यह परिणाम दर्शाता है कि यदि अवसर मिले तो पत्रकार और उनके परिजन विधानसभा जैसे बड़े चुनावों में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।
सामाजिक कार्यों का मिला प्रतिफल

जमशेदपुर के युवा समाजसेवी और पत्रकार प्रवीण सेठी की जीत को लेकर भी संगठन ने प्रसन्नता व्यक्त की। बताया गया कि वे पिछले तीन-चार वर्षों से ‘अंत्योदय’ नामक सामाजिक संस्था के माध्यम से लगातार जनसेवा के कार्यों में सक्रिय रहे हैं। संगठन का मानना है कि यही निरंतर सामाजिक जुड़ाव उनकी जीत का प्रमुख कारण बना।
नामांकन रद्द होने पर भी समर्थन कायम

एसोसिएशन के प्रदेश प्रभारी शंकर गुप्ता ने कहा कि राज्य में प्रीतम सिंह भाटिया का नामांकन रद्द होना विरोधियों की बेचैनी को दर्शाता है। उन्होंने इसे पत्रकार एकता की शक्ति का संकेत बताया।
वहीं युवा पत्रकार डॉ. संतोष मानव और पत्रकार-लेखिका अन्नी अमृता की हार को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा गया कि भविष्य में उन्हें पुनः अवसर मिलेगा।
सम्मान समारोह की तैयारी

प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष प्रविंद पांडेय ने कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों में पत्रकारों के परिजनों ने जीत दर्ज की है। ऐसे में संगठन को चाहिए कि वह अपने-अपने जिलों में सम्मान समारोह आयोजित कर विजेताओं का अभिनंदन करे।
प्रदेश उपाध्यक्ष अरूण मांझी ने इसे पत्रकार समाज के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह परिणाम साबित करता है कि जनसेवा, पारदर्शिता और सामाजिक विश्वसनीयता के बल पर चुनाव जीता जा सकता है, चाहे राजनीतिक दलों का प्रत्यक्ष समर्थन हो या न हो।
लोकतंत्र में नई भूमिका की ओर संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनाव परिणाम केवल व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पत्रकार समाज की राजनीतिक जागरूकता और सामाजिक प्रभाव का प्रमाण है। निकाय स्तर से शुरू हुई यह भागीदारी भविष्य में बड़े लोकतांत्रिक मंचों तक पहुंच सकती है।
झारखंड की राजनीतिक पृष्ठभूमि में यह बदलाव एक नई दिशा की ओर संकेत करता है, जहां पत्रकार केवल खबर लिखने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि नीति निर्माण और जनप्रतिनिधित्व में भी सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।



