पोस्ट-पोल गाइडलाइंस पर ECI की सख्ती, निगरानी व्यवस्था होगी और मजबूत
कोलकाता। Election Commission of India (ECI) ने West Bengal विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र मतदान के बाद की प्रक्रिया (पोस्ट-पोल) को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य मतदान केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों और वीडियो डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या छेड़छाड़ की आशंका को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
SD कार्ड हटाने पर रोक, तय केंद्र पर ही होगा डेटा संग्रह
नई गाइडलाइंस के अनुसार, मतदान समाप्त होते ही पोलिंग बूथ पर लगे कैमरों से SD कार्ड निकालने की अनुमति नहीं होगी।
- कैमरों को केवल हटाया (dismount) जा सकेगा, लेकिन SD कार्ड वहीं नहीं निकाले जाएंगे।
- सभी कैमरे सेक्टर अधिकारी की निगरानी में सुरक्षित रखे जाएंगे।
- SD कार्ड केवल निर्धारित Data Collection and Receiving Centre पर ही निकाले जाएंगे।
- यह प्रक्रिया Assistant Returning Officer (ARO) की उपस्थिति में पूरी की जाएगी।
इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वीडियो रिकॉर्डिंग में किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
वीडियो फुटेज की सुरक्षा पर विशेष जोर
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मतदान के दौरान रिकॉर्ड की गई सभी वीडियो फुटेज को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संरक्षित करना अनिवार्य होगा।
- फुटेज को उचित तरीके से स्टोर और बैकअप किया जाएगा।
- किसी भी स्थिति में डेटा लीक या डिलीट नहीं होना चाहिए।
- सभी संबंधित अधिकारियों को इसके लिए जवाबदेह बनाया गया है।
पोलिंग स्टाफ पर भी सख्त निर्देश
ECI ने पोलिंग पार्टियों और बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए हैं।
- जब तक कैमरा उपकरण पूरी तरह हट नहीं जाता, कोई भी पोलिंग स्टाफ बूथ नहीं छोड़ सकेगा।
- सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अधिकारियों को जाने की अनुमति दी जाएगी।
इस कदम से मतदान प्रक्रिया के अंतिम चरण तक निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
दूसरे चरण के लिए आज से वेबकास्टिंग ट्रायल
चुनाव आयोग ने तकनीकी तैयारियों को मजबूत करने के लिए दूसरे चरण के मतदान से पहले वेबकास्टिंग का ट्रायल भी शुरू किया है।
- ट्रायल आज सुबह 10 बजे से शुरू होगा
- इसे तीन शिफ्ट में संचालित किया जाएगा
- इसका उद्देश्य लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम को और बेहतर बनाना है
चुनाव शेड्यूल
- पहले चरण का मतदान: संपन्न
- दूसरे चरण का मतदान: 29 अप्रैल
- मतगणना: 4 मई
- कुल सीटें: 294 विधानसभा सीटें
पारदर्शिता और निष्पक्षता पर फोकस
चुनाव आयोग के इन नए निर्देशों से साफ है कि इस बार चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि SD कार्ड और वीडियो डेटा पर सख्ती से चुनावी प्रक्रिया में विश्वास और बढ़ेगा तथा किसी भी विवाद की स्थिति में ठोस सबूत उपलब्ध रहेंगे।





