Raghav Chadha joins BJP : देश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका देते हुए उसके वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। उनके साथ कई अन्य बड़े नेता और सांसद भी शामिल हुए हैं, जिससे सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।
मिठाई खिलाकर किया स्वागत
Delhi: Rajya Sabha MPs Raghav Chadha, Sandeep Pathak and Ashok Mittal meet BJP National President Nitin Nabin at the party headquarters
2/3rd MPs of AAP in the Rajya Sabha announced merging with the BJP. pic.twitter.com/cRLnmOQRFZ
— ANI (@ANI) April 24, 2026
BJP में शामिल होने के बाद पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने सभी नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान मिठाई खिलाकर नए नेताओं का अभिनंदन किया गया। पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कई वरिष्ठ भाजपा नेता भी मौजूद रहे।
किन नेताओं ने छोड़ी AAP?
राघव चड्ढा के साथ जिन नेताओं ने पार्टी छोड़ी, उनमें शामिल हैं:
- संदीप पाठक
- अशोक मित्तल
- हरभजन सिंह
- राजिंदर गुप्ता
- विक्रम साहनी
- स्वाति मालीवाल
इन सभी नेताओं का BJP में शामिल होना आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
दो-तिहाई सांसदों के साथ छोड़ी पार्टी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने दावा किया कि उन्होंने अकेले नहीं बल्कि पार्टी के दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों के साथ AAP छोड़ी है।
उन्होंने कहा:
“राज्यसभा में हमारे 10 सदस्य हैं, जिनमें से दो-तिहाई हमारे साथ हैं। हमने इस संबंध में हस्ताक्षर करके प्रस्ताव सभापति को भेज दिया है।”
AAP पर लगाए गंभीर आरोप
राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि:
- पार्टी अब अपनी मूल विचारधारा से भटक चुकी है
- ईमानदार राजनीति का दावा अब सिर्फ दिखावा बन गया है
- निर्णय लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता खत्म हो गई है
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने AAP को अपने जीवन के 15 साल दिए, लेकिन अब पार्टी पहले जैसी नहीं रही।
BJP को क्या होगा फायदा?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार:
- BJP को राज्यसभा में मजबूती मिलेगी
- विपक्ष की एकता को बड़ा झटका लग सकता है
- आगामी चुनावों में इसका असर देखने को मिल सकता है
AAP के लिए बढ़ी चुनौती
इस घटनाक्रम के बाद आम आदमी पार्टी के सामने कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं:
- संगठनात्मक मजबूती पर सवाल
- नेतृत्व पर दबाव
- विपक्षी दलों में विश्वसनीयता पर असर
आगे क्या?
अब नजर इस बात पर रहेगी कि:
- AAP इस राजनीतिक झटके से कैसे उबरती है
- BJP नए नेताओं को कैसे राजनीतिक भूमिका देती है
- संसद और आने वाले चुनावों में इसका क्या प्रभाव पड़ता है
राघव चड्ढा और अन्य नेताओं का BJP में शामिल होना भारतीय राजनीति में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। यह घटनाक्रम आने वाले समय में सियासी समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।





