Ichagarh Lift Irrigation : ईचागढ़ की धरती मेहनतकश किसानों की पहचान है। यहां की सुबह खेतों से शुरू होती है और शाम फसल की उम्मीद पर खत्म होती है। लेकिन जब खेतों तक पानी नहीं पहुंचता, तो सपने भी सूखने लगते हैं। यही दर्द लेकर सविता महतो ने झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में लिफ्ट सिंचाई का मुद्दा मजबूती से उठाया।
विधानसभा में गूंजा ईचागढ़ का सवाल
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान अल्प-सूचित प्रश्न के माध्यम से विधायक सविता महतो ने सरकार से सीधे सवाल किया—जब क्षेत्र कृषि आधारित है और अधिकांश लोग खेती पर निर्भर हैं, तो अब तक लिफ्ट सिंचाई योजना क्यों नहीं लागू हुई?
सरकार ने अपने जवाब में स्वीकार किया कि ईचागढ़ क्षेत्र में फिलहाल कोई लिफ्ट सिंचाई योजना संचालित नहीं है। यह स्वीकारोक्ति किसानों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि पानी के अभाव में फसल उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
किन-किन क्षेत्रों को नहीं मिला लाभ?
सरकार के उत्तर में बताया गया कि निम्न क्षेत्रों को अब तक लिफ्ट सिंचाई का लाभ नहीं मिल पाया है—
- मैसाड़ा सुवर्णरेखा डैम से 15 किमी लिफ्ट सिंचाई के जरिए 50 गांव
- सुवर्णरेखा डैम से नीमडीह प्रखंड के ओड़िया क्षेत्र तक 10 किमी लिफ्ट सिंचाई, 20 गांव प्रभावित
- आमटांड नदी से काशीडीह होते हुए घाटशिला कांडरबेड़ा तक 6 किमी क्षेत्र
- चांडिल बांध से नीमडीह के 13 और कुकड़ू के 9 पंचायतों को अभी तक लाभ नहीं
इन इलाकों के किसान वर्षों से सिंचाई सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बारिश पर निर्भर खेती जोखिम भरी होती जा रही है।
सरकार की योजना क्या है?
सरकार ने बताया कि सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह और कुकड़ू प्रखंड तथा पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा और बोडाम प्रखंड के ऊंचे भू-भाग में स्थित 26,344 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को सिंचाई सुविधा देने के लिए दो बड़ी योजनाओं का प्रस्ताव तैयार किया गया है—
- नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना
- पटमदा-बोडाम मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना
इन योजनाओं के तहत भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से पानी खेतों तक पहुंचाने की योजना है।
केंद्र से मदद की प्रक्रिया जारी
राज्य सरकार ने बताया कि सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण भारत सरकार से आर्थिक सहायता लेने की प्रक्रिया चल रही है। केंद्रीय जल आयोग ने दोनों योजनाओं को सैद्धांतिक सहमति दे दी है और आगे की कार्रवाई जारी है।
यह जानकारी किसानों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है।
किसानों की उम्मीद और संघर्ष
ईचागढ़ के किसान वर्षों से बेहतर सिंचाई व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि अगर समय पर पानी मिल जाए, तो धान, सब्जी और दलहन की पैदावार दोगुनी हो सकती है।
सिंचाई की सुविधा मिलने से—
- फसल उत्पादन बढ़ेगा
- किसानों की आय में सुधार होगा
- पलायन रुकेगा
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी
विधायक की पहल से जगी उम्मीद
विधानसभा में मुद्दा उठाए जाने के बाद क्षेत्र के किसानों को भरोसा है कि अब यह मामला केवल फाइलों में नहीं रहेगा। विधायक सविता महतो की पहल को स्थानीय लोग सकारात्मक कदम मान रहे हैं।
यदि मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना धरातल पर उतरती है, तो यह सिर्फ एक परियोजना नहीं होगी, बल्कि हजारों किसानों के जीवन में बदलाव की शुरुआत होगी।
ईचागढ़ के खेत आज भी पानी का इंतजार कर रहे हैं। सवाल यही है—क्या आने वाला समय इन खेतों को हरियाली देगा?



