Chaibasa News (पश्चिमी सिंहभूम) — झारखंड के चाईबासा में स्थित Kolhan University इन दिनों छात्रों के उग्र विरोध-प्रदर्शन का केंद्र बन गया है। टाटा कॉलेज चाईबासा के प्राचार्य के अचानक ट्रांसफर-पोस्टिंग के खिलाफ हजारों छात्रों ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का घेराव कर दिया और अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा कर दी।
छात्रों का आरोप है कि यह फैसला कुलपति Dr. Anjila Gupta की मनमानी का परिणाम है, जिससे कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
बैनर-पोस्टर के साथ सड़कों पर उतरे छात्र, जमकर नारेबाजी
सुबह करीब 11 बजे टाटा कॉलेज के छात्र-छात्राएं बैनर-पोस्टर लेकर कॉलेज परिसर से जुलूस के रूप में निकले और विश्वविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक भवन तक पहुंचे।
इस दौरान छात्रों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा:
- “कुलपति मनमानी बंद करो”
- “प्राचार्य का ट्रांसफर वापस लो”
- “नियमित पढ़ाई और समय पर परीक्षा कराओ”
प्रदर्शन में विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे आंदोलन ने व्यापक रूप ले लिया।
चार घंटे तक ठप रहा आवागमन, प्रशासनिक कामकाज प्रभावित
छात्रों के धरना-प्रदर्शन के कारण विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर करीब चार घंटे तक आवागमन बाधित रहा।
- विश्वविद्यालय के अंदर प्रशासनिक कार्य प्रभावित रहे
- मुख्य गेट पर भारी भीड़ के कारण यातायात जाम की स्थिति बनी रही
- मौके पर मुफस्सिल थाना पुलिस बल तैनात रहा
प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र कुलपति से सीधी वार्ता की मांग पर अड़े रहे।
क्या है पूरा मामला? छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप
छात्र संघ के सचिव पीपुन बारीक ने आरोप लगाया कि टाटा कॉलेज के प्राचार्य का ट्रांसफर बिना किसी ठोस कारण के अचानक कर दिया गया।
उन्होंने कहा:
- “इस फैसले से कॉलेज की पढ़ाई-लिखाई पूरी तरह बाधित हो गई है।”
- “यूजीसी पार्ट-1 में एडमिशन हुए एक साल बीत गया, लेकिन अभी तक परीक्षा नहीं हुई।”
छात्रों का कहना है कि परीक्षा और शैक्षणिक कैलेंडर को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन कोई स्पष्ट निर्णय नहीं ले रहा है, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है।
कुलपति पर मनमानी के आरोप, संवादहीनता का मुद्दा गरमाया
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कुलपति पर मनमाने फैसले लेने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि:
- छात्रों से किसी प्रकार का संवाद नहीं किया जाता
- कॉलेज प्रशासन की राय को नजरअंदाज किया जाता है
- लगातार ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं जिससे शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
अनिश्चितकालीन धरना जारी, उग्र आंदोलन की चेतावनी
छात्र संघ के नेताओं ने साफ कर दिया है कि:
- प्राचार्य का ट्रांसफर रद्द कर उन्हें वापस लाना होगा
- नियमित पढ़ाई और परीक्षा की तारीख घोषित करनी होगी
- कुलपति को छात्र हित में ठोस निर्णय लेने होंगे
जब तक ये मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
कुलपति का पक्ष नहीं आया सामने
इस पूरे मामले पर कुलपति Dr. Anjila Gupta से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।
हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्रों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
चाईबासा में जारी यह आंदोलन अब शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो इसका असर हजारों छात्रों के भविष्य पर पड़ सकता है।





